श्रीमती निवेदिता दुबे भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (भाविप्रा) के बोर्ड में सदस्य (मानव संसाधन) के रूप में कार्यरत हैं तथा इस पद को संभालने वाली पहली महिला हैं।
अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (इकाओ) से मान्यता प्राप्त एक अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तन पेशेवर और इकाओ-प्रमाणित प्रशिक्षक के रूप में, श्रीमती दुबे को विमानपत्तन प्रचालन, मानव संसाधन प्रबंधन तथा हवाई अड्डा आर्थिक विनियमन के क्षेत्रों में 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है। अपने करियर के दौरान उन्होंने भारत के विमानन क्षेत्र में नेतृत्व और संस्थागत शासन में गहन विशेषज्ञता अर्जित की है।
उन्होंने क्षेत्रीय तथा कॉर्पोरेट स्तरों पर औद्योगिक संबंधों का नेतृत्व किया है, जहाँ जटिल श्रम मामलों का सफलतापूर्वक प्रबंधन करते हुए औद्योगिक अशांति के कारण कार्य-घंटों की शून्य हानि का रिकॉर्ड बनाए रखा। उनके कार्यों से कर्मचारी संबंधों, ट्रेड यूनियन प्रक्रियाओं, कार्यबल नीतियों तथा कर्मचारी कल्याण और सामाजिक सुरक्षा ढाँचों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान मिला है।
क्षेत्रीय कार्यपालक निदेशक (पूर्वी क्षेत्र) के रूप में उन्होंने प्रमुख आधुनिकीकरण तथा क्षमता संवर्धन पहलों की निगरानी की, जिससे क्षेत्रीय संपर्क, प्रचालन कार्य निष्पादन तथा यात्री अनुभव में सुधार को बल मिला।
वर्तमान में सदस्य (मानव संसाधन) के रूप में, श्रीमती दुबे भाविप्रा के विज़न 2047 और भारत के विमानन क्षेत्र की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप मानव संसाधन रूपान्तरण, नेतृत्व विकास, उत्तराधिकार योजना तथा कार्यबल आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही हैं।
भाविप्रा बोर्ड में उनकी उपस्थिति समावेशी नेतृत्व, सुदृढ़ शासन तथा दीर्घकालिक संस्थागत विकास के प्रति भाविप्रा की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।