
राही त्रिवेणी दर्शन 7 में 4.4 के औसत अंक के साथ प्रयागराज के 184 होटलो में 51वें स्थान पर है यह प्रयागराज के 21 दो सितारा होटलों में से एक है। यह उत्तर प्रदेश पर्यटन के भारत के होटलों की श्रृखला का एक भाग है।
एयरपोर्ट से दूरी :14 किलोमीटर

1971 में स्थापित यात्रिक होटल प्रयागराज के शीर्ष पसन्द किये होटलों में गिना जाता है। यह होटल अपने सजीव माहौल, कलात्मक रूप से सजे कमरे, जीवान्त वातावरण तथा सुन्दर हरे-भरे परिवेश के साथ, इस मनोहर शहर को उचित रूप से प्रतिबिम्बित करता है। होटल यात्रिक से लगा लॉन एक उपहार के समान है जो प्रयागराज के कम होटलों में मिलता है।
इस होटल में काफी बड़े व नवीन शैली के कमरे हैं जो यहॉ के प्रभावित करने वाले दृश्यों के अनुरूप हैं और जो आप के यहॉ के ठहराव को सुहावना बनाते हैं। यहॉ ‘‘द भोज’’ भेजनालय में भोजन के विभिन्न विकल्पों के साथ एक ऐसे स्वाद व संतुष्टि की गारंटी है जो वर्षों याद रहेगा।
एयरपोर्ट से दूरी :12 किलोमीटर

इलाहाबाद हाईकोर्ट से 11 मिनट के पद यात्रा पर, प्रयागराज रेलवे स्टेशन से 1.4 किलोमीटर तथा तीन नदियों से संगम त्रिवेणी से 9 मिलोमीटर दूर क्लार्क अजय होटल, एक व्यावसायिक क्षेत्र में स्थित प्रचालित होटल है।
इसके आधुनिक कमरे व शूट में चाय, कॉफी बनाने की सुविधा, फ्लैट टीवी स्क्रीन, निःशुल्क वाई-फाई तथा उच्च श्रेणी के कमरों में मिनी फ्रीज भी है। रूम सेवा भी उपलब्ध है। यहॉ पार्किंग निःशुल्क है तथा यहॉ एक सामान्य भोजनालय है जिसमें ब्रेकफास्ट बफेट दिया जाता है। होटल में तीन इवेंट रूम भी है।
एयरपोर्ट से दूरी : 11 मिलोमीटर

यह होटल चन्द्र शेखर आजद पार्क से 14 मिनट के वाक पर, प्रयागराज जंक्शन स्टेशन से 1.9 किलोमीटर दूर पर तथा राष्ट्रीय स्मारक इलाहाबाद के किले से 7 किलोमीटर दूरी पर है।
सभी कमरों में निःशुल्क वाई-फाई, फ्लैट स्क्रीन टी0वी0 और डेस्क के साथ मिनी फ्रिज और चाय कॉफी की सुविधा उपलब्ध है। शूट में अतिरिक्त बैठने की जगह है।
सुविधाओं में आकस्मिक भोजनालय और एक बार, सहित ब्यूटी सैलून, स्पा तथा आउटडोर पूल भी शामिल हैं। यहाँ पार्किंग नि:शुल्क है।
एयरपोर्ट से दूरी :12 किलोमीटर

होटल कान्हा श्याम की सुविधाजनक अवस्थिति शहर के व्यवसायिक व खारीददारी केन्द्र के पास है। यह प्रयागराज के प्रमुख पर्यटन आकर्षण केन्द्र, संगम से बहुत ही कम दूरी पर है। होटल की लॉबी को इटैलियन तथा नेपाली संगमरमर से खूबसूरती से सजाया गया है। लॉबी की कलात्मक रूप से उकेरी गई छत, क्रिस्टल, सिल्वर तथा बोन चाइना एक उत्कृष्ट वातावरण का निर्माण करता है। एक समकालीन साजसज्जा के अनुरूप् कमरों को खूबसूरती से निर्मित किया गया है। यहॉ डीलक्स रूम, क्लब रूम, चेम्बर तथा शूट का भी विकल्प है। क्लब रूम खूबसूरत नीले रंग की सजावट में तथा चेम्बर लाल तथा र्स्वणिम रंग में है। शूट में बेडरूम के अतिरिक्त व्यक्तिगत ड्रांइगरूम भी है। प्रत्येक कमरों में सेटेलाइट टेलीविज़न, डायरेक्ट टेलीफोन, मिनी बार, टी कॉफी मेकर, रायटिंग डेस्क तथ वाई-फाई इंटरनेट से सुसज्जित है।
एयरपोर्ट से दूरी : 13 किलोमीटर

मिलन पैलेस होटल ऐतिहासिक शहर प्रयागराज के मुख्य अवस्थित पर स्थित एक शानदार होटल है। इसके आकर्षक कमरे तथा शानदार व उत्कृष्ट सेवा आप के ठहराव को वैभवशाली बनाता है। यह होटल एक शानदार खान-पान का विकल्प उपलब्ध कराता है। जहॉ कोई भी खान-पान का शानदार अनुभव प्राप्त कर सकता है। इसका उत्कृष्ट बैक्वेट स्थान, विवाह समारोह हेतु आर्दश स्थान है। विशेष कान्फ्रेस हॉल तथा फिटनेस क्लब, ठहराव को बहुत ही मुग्ध कर देने वाला बना देते हैं।

इलाहाबाद म्यूजियम, इलाहाबाद, उ0प्र0 में 1931 से स्थापित एक राष्ट्रीय स्तर का म्यूजियम है, यह अपने समृद्ध संग्रह तथा अद्वितीय कलात्मक वस्तुओं के लिए जाना जाता है और इसका वित्तयन संस्कृति मंत्रालय द्वारा किया जाता है। इसके अतिरिक्त यह पुरातत्ववेत्ताओं, इतिहासकार तथा अकादमीसियन के लिए एक प्रमुख शोध संस्थान है और यहाँ से पुरातत्व, कला व साहित्य में वृहत शोध क्रियाकलाप तथा प्रकाशन किया जाता है। इसका पाषाण कला दीर्घा 1400 ई0पू0 से 2000 ई0पू0 के प्रागैतिहासिक पेन्टिंग का भारत का सबसे बड़ा संकलन है। सौर ऊजॉ से चलने वाला म्यूजियम, ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भर होने वाला भारत का पहला म्यूजियम है।
एयरपोर्ट से दूरी : 13 किलोमीटर

चन्द्रशेखर आजाद पार्क प्रयागराज का एक पब्लिक पार्क है जिसे 1870 में प्रिन्स अल्फ्रेड के नगर भ्रमण को चिन्हित करने के लिए बनाया गया था, इसका क्षेत्रफल 133 एकड़ है तथा यह प्रयागराज का सबसे बड़ा पार्क है। इसका स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चन्द्रशेखर के नाम पर पुर्ननामकरण किया गया जिन्होने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान 1931 में यहीं अपने प्राणों की आहुति दी थी।
एयरपोर्ट से दूरी :13 किलोमीटर

अक्षया या अक्षयवट हिन्दू पुराण कथा में वर्णित एक पवित्र वट वृक्ष हैं एक किवदन्ती के अनुसार एक बार मुनि मारकन्डेय ने भगवान नारायण से अपने दिव्य शक्ति का नमूना दिखाने को कहा, नारायण ने एक मिनट में सारे विश्व को डूबा दिया, लेकिन उस समय केवल अक्षय वट को ही जल स्तर के ऊपर से देखा जा सकता था।
एयरपोर्ट से दूरी :17 किलोमीटर

इलहाबाद हाईकोर्ट या हाईकोर्ट आफ जूडिकेचर ऐट इलाहाबाद, इलाहाबाद में स्थित है जिसका क्षेत्राधिकार भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश पर है। इसकी स्थापना 1869 में होने के साथ ही यह भारत का स्थापित होने वाला प्रथम हाईकोर्ट हो गया।
एयरपोर्ट से दूरी :10 किलोमीटर

खुशरो बाग एक बड़ा ऐतिहासिक बगीचा है जिसमें कि सम्राट जहॉगीर और सुल्तान बेगम के बड़े बेटे राजकुमार खुशरो की कब्र है। चारदीवारी से घिरे बगीचे के अन्दर तीन बलुआ पत्थर के स्मारक मुगल वास्तुकला का अप्रतिम उदाहरण है। मुख्य प्रवेश द्वार की बनावट, चारो तरफ के बागीचे और तीन स्तरी सुल्तान बेगम की कब्र का निर्माण जहॉगीर के प्रमुख दरबारी कलाकार अक रिज़ा ने किया था।

प्रयागराज का किला मुगल सम्राट अकबर द्वारा, प्रयागराज, उ0प्र0 में 1583 में बनवाया गया। यह किला यमुना नदी के किनारे तथा गंगा नदी के संगम के पास स्थित है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा इसे राष्ट्रीय महत्व के स्मारक के रूप में मान्यता प्राप्त है, किन्तु यह, इसके अन्दर अक्षय वट मन्दिर तथा पातालपुरी मन्दिर होने के कारण भी प्रसिद्ध है।

यहाँ गंगा, जमुना, सरस्वती तीन नदियों के संगम पर स्थित सबसे प्रसिद्ध पवित्र स्थानों में से एक है। संगम प्रयागराज का एक सबसे प्रसिद्ध पवित्र स्थान है और प्रयागराज के पर्यटन का अनिवार्य अंग है । संगम प्रयागराज का ही नहीं बल्कि भारत का भी प्रमुख पर्यटन केन्द्र है ।

यह मन्दिर लेटे हनुमान मन्दिर के नाम से भी जाना जाता है। यह प्रयागराज/इलाहाबाद किले के काफी नजदीक है। मन्दिर की संरचना लाल है और इसके अन्दर एक भूमिगत चबूतरा है, जहॉ भगवान हनुमान की एक विशाल मूर्ति लेटी हुयी स्थिति में स्थापित है, इसका एक भाग आधा पानी से डूबा हुआ है। मानसून के मौसम में यह माना जाता है कि इसका जल स्तर भगवान हनुमान के चरण र्स्पश के लिए बढ़ जाता है। एक दंतकथा है कि लंका जलाने के बाद हनुमान जी ने यहॉ विश्राम किया था। इस मन्दिर के बगल में एक पीपल का वृक्ष तथा एक अन्य मन्दिर भी है जिसे ‘जानकी मन्दिर’ कहते है।

