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19 वर्षीय आशीष प्रजापति मुंबई के झोपड़ियों में रहने वाले एक परिवार के चार सदस्यों में से एक है। परिवार की वित्तीय स्थिति अपर्याप्त है जहां आशीष के पिता कमाई करने वाले एकमात्र सदस्य हैं, जो प्रति माह लगभग 6,000 / - कमाते हैं।

परिवार की आर्थिक स्थिति के कारण, आशीष अपनी शिक्षा पूरी नहीं कर सका। हालांकि, उनके निरंतर कड़ी मेहनत और आत्मनिर्भर बनने की उनकी इच्छा उन्हें एएआई द्वारा स्थापित रोजगार केंद्र में ले गया। केंद्र समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए बुनियादी कंप्यूटर प्रशिक्षण पाठ्यक्रम प्रदान करता है। वर्तमान में, वह 'जॉब रेडिनेस ट्रेनिंग कोर्स' कर रहा है जो 4 महीने की अवधि का है। प्रशिक्षण में तीन भागों में आठ मॉड्यूल शामिल हैं। प्रशिक्षण में मूल कंप्यूटर पाठ्यक्रम, अंग्रेजी बोलने, औद्योगिक अवलोकन, ग्राहक सेवा, सौंदर्य और शिष्टाचार, करियर ओरिएटेंशन, तार्किकता, संचार कौशल इत्यादि शामिल हैं।
हालांकि एक शानदार शिक्षार्थी होते हुए, आशीष को वर्तमान परिस्थितियों के माध्यम से अपना रास्ता बनाना पड़ा। अपने रास्ते में कठिनाइयों के बावजूद, उन्होंने वापस देखने से इंकार कर दिया। प्रशिक्षण तक अंग्रेजी उनके लिए एक कठिन भाषा रही थी। हालांकि वह उसमें प्रवीण नहीं है, पर वह पहले की तुलना में भाषा में बेहतर है। उन्होंने एएआई-एनआईआईटी युवास्टार में उनकी सहायता और धैर्य के लिए प्रशिक्षण कर्मचारियों को श्रेय दिया। उन्होंने कर्मचारियों द्वारा उनकी सराहना को स्वीकारा। उसके बताया कि उन्होंने उन्हें बहुत कुछ सिखाया है। वे अपनी जिम्मेदारियों का पालन करते हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने न केवल उन्हें सही पढ़ाया बल्कि शुरुआती 'क्यों' और 'क्या' का जवाब देकर उनके लिए यह आसान बनाया। आशीष पहले की तुलना मे आज पूरी तरह से बदल हुआ व्यक्ति दिखता है। इसके साथ ही उनके कड़ी मेहनत के साथ उन्होंने हाल ही में अपने XII कक्षा को अच्छे अंको से उत्तीण कर लिया है।
पाठ्यक्रम ने आशीष को मार्गदर्शन और उचित प्रशिक्षण दिया। एएआई-एनआईआईटी युवास्टार के पाठ्यक्रम ने बेहतर रोजगार की बाधाओं को खत्म कर दिया है । वर्तमान में वह एक विपणन सहायक कार्यकारी के रूप में कंपनियों के फ्यूचर ग्रुप में काम कर रहा है। भाविप्रा की पहल के कारण शुरुआत में मुश्किल लगने वाला रास्ता आसान हो गया ।