माता नी पचेड़ी

कला के एक प्राचीन रूप माता नी पचेड़ी का शाब्दिक अर्थ है "देवी माँ के पीछे", और यह एक कपड़ा है जिससे देवी के मंदिर का निर्माण किया जाता है। वस्‍त्र से बना यह भित्ति-चित्र (फैब्रिक म्यूरल) राजकोट हवाई अड्डे के लिए पारंपरिक माता नी पचेड़ी कारीगरों, गुजरात के खानाबदोश वाघारी समुदाय के लोगों द्वारा बनाया गया था।

प्राकृतिक रंगों का उपयोग करके सूती कपड़े पर बनाया गया यह भित्ति-चित्र निरंतरता का भी एक उदाहरण है। पचेड़ी मूलत: देवी मां की दिव्य ब्रह्मांडीय ऊर्जा और उनके व्यक्तित्व में रचनात्मक और विनाशकारी सिद्धांतों की एकीकृत प्रत्‍यक्षीकरण की अभिव्यक्ति है।

पावन वस्‍त्र की सबसे महत्‍वपूर्ण विशेषता सदैव देवी मां की प्रभावशाली उपस्थिति है; ऐसा माना जाता है कि देवी के सौ रूप हैं और इसलिए उनमें से प्रत्येक में उपयुक्‍त प्रतिमा विवरण और विशेषताओं के साथ चित्रित किया गया है। इसे सदैव स्‍पष्‍ट अलंकृत सीमाओं के साथ रेखांकित (हाइलाइट) किया गया था। इस पचेड़ी भित्ति-चित्र में विभिन्न जातियों की देवी के 50 से अधिक रूपांकन और पूरक रूपांकन शामिल हैं।