भारत सरकार की प्रमुख पहल स्टार्टअप इंडिया का उद्देश्य देश में नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है, जिससे सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। सरकार की इस पहल ने विशाल भारतीय स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र की ताकत से प्रोत्साहन लेकर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (भाविप्रा) को भारतीय विमानन उद्योग और विशेषतः भाविप्रा के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए नवीन समाधानों को खोजने का अवसर प्रदान किया।
भारतीय नागर विमानन उद्योग कोविड वर्षों को छोड़कर पिछले एक दशक में सालाना 12% से अधिक की तीव्र गति से बढ़ रहा है। इसका अर्थ है कि अगले 10 वर्षों में इस क्षेत्र का विकास तीन गुना हो जाएगा। जिस तरह से भारतीय नागर विमानन क्षेत्र बढ़ रहा है, उसे देखते हुए इस वृद्धि में शामिल होने के लिए भारतीय कंपनियों और स्टार्ट-अप्स के लिए नवाचार के अवसर पैदा करना और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (भाविप्रा) के सभी कार्यात्मक क्षेत्रों में सरकार की आत्मनिर्भर भारत पहल को बढ़ावा देना आवश्यक है - जिसमें हवाई अड्डे, एएनएस और अन्य सहायक उद्योग शामिल हैं।
इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, भाविप्रा ने अपनी स्टार्ट-अप नीति (स्टार्ट-अप नीति 2024) की समीक्षा की है, जिसमें भाविप्रा के समक्ष आने वाली समस्याओं और चुनौतियों का समाधान ढूंढने हेतु स्टार्ट-अप कंपनियों की भागीदारी का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है तथा उन समाधानों को न केवल भविष्य में भाविप्रा हेतु किए जाने वाले प्रापण के लिए बल्कि शेष विश्व को भी प्रदान करने के लिए व्यापक रूप दिया जा रहा है। भाविप्रा स्टार्ट-अप नीति 2024 से स्टार्ट-अप्स की भागीदारी में उल्लेखनीय वृर्द्धि होने की उम्मीद है।














