16 जनवरी 2016 को श्री नरेंद्र मोदी, भारत के माननीय प्रधानमंत्री द्वारा लॉन्च किया गया स्टार्टअप इंडिया भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है। इसका उद्देश्य देश में नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है जो सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेगा। सरकार की यह पहल भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) को अपने स्वयं के कार्यों में नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए देश में स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र का लाभ उठाने का अवसर प्रदान करती है जिससे अधिक कुशल हवाईअड्डे और बेहतर यात्री अनुभव प्राप्त होता है।

इसे सुविधाजनक बनाने के लिए, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने जनवरी 2019 में अपनी स्टार्टअप नीति शुरू की। स्टार्टअप नीति,  स्टार्टअप्स को, हवाईअड्डा प्रासंगिक नवाचारों को अनुकूलित और विकसित करने के साथ-साथ देश के सभी हवाईअड्डों पर उनका प्रायोगिक परीक्षण करने की दिशा में, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के साथ काम करने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान करती है। ।

संभावित स्टार्टअप संगठनों को शॉर्टलिस्ट करने के लिए, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने स्टार्टअप नीति के तहत एएआई स्टार्टअप पहल "एयरपोर्ट्स के लिए इनोवेट" कार्यक्रम शुरू किया। स्टार्टअप्स को शॉर्टलिस्ट करने के लिए दो स्तरीय मूल्यांकन किया गया और भाविप्रा  स्टार्टअप कॉन्क्लेव के दौरान उन्हें सहमति पत्र प्रदान किया गया। इनोवेट फॉर एयरपोर्ट्स प्रोग्राम के तहत प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (PoC) के संचालन के लिए चार स्टार्टअप्स को Idea2PoC अनुदान से सम्मानित किया गया है:

विवरण SatSure Analytics India (P) ltd. Inxee Systems (P) ltd. Ramphal Technologies (P) ltd. Blunav Technologies (P) ltd.
परियोजना का नाम वैमानिकी डेटा प्रबंधन मंच परियोजना “iNETRA” स्वदेशी स्मार्ट दृश्य डॉकिंग मार्गदर्शन प्रणाली (S-VDGS) SWAAIM: हाइब्रिड संदेश स्विचिंग सिस्टम ‘WAVEX” एयरसाइड मूवमेंट एवं अनुपालन निगरानी प्रणाली (AMCOMS)
संबंधित निदेशालय एटीएम प्रचालन सीएनएस-ओ.एम. सीएनएस-पी

भारत सरकार की प्रमुख पहल स्टार्टअप इंडिया का उद्देश्य देश में नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है, जिससे सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। सरकार की इस पहल ने विशाल भारतीय स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र की ताकत से प्रोत्साहन लेकर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (भाविप्रा) को भारतीय विमानन उद्योग और विशेषतः भाविप्रा के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए नवीन समाधानों को खोजने का अवसर प्रदान किया।

भारतीय नागर विमानन उद्योग कोविड वर्षों को छोड़कर पिछले एक दशक में सालाना 12% से अधिक की तीव्र गति से बढ़ रहा है। इसका अर्थ है कि अगले 10 वर्षों में इस क्षेत्र का विकास तीन गुना हो जाएगा। जिस तरह से भारतीय नागर विमानन क्षेत्र बढ़ रहा है, उसे देखते हुए इस वृद्धि में शामिल होने  के लिए भारतीय कंपनियों और स्टार्ट-अप्स के लिए नवाचार के अवसर पैदा करना और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (भाविप्रा) के सभी कार्यात्मक क्षेत्रों में सरकार की आत्मनिर्भर भारत पहल को बढ़ावा देना आवश्यक है - जिसमें हवाई अड्डे, एएनएस और अन्य सहायक उद्योग शामिल हैं।

इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, भाविप्रा ने अपनी स्टार्ट-अप नीति (स्टार्ट-अप नीति 2024) की समीक्षा की है, जिसमें भाविप्रा के समक्ष आने वाली समस्याओं और चुनौतियों का समाधान ढूंढने हेतु स्टार्ट-अप कंपनियों की भागीदारी का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है तथा उन समाधानों को न केवल भविष्य में भाविप्रा हेतु किए जाने वाले प्रापण के लिए बल्कि शेष विश्व को भी प्रदान करने के लिए व्यापक रूप दिया जा रहा है। भाविप्रा स्टार्ट-अप नीति 2024 से स्टार्ट-अप्स की भागीदारी में उल्लेखनीय वृर्द्धि होने की उम्मीद है।

इससे पहले, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने जनवरी 2019 में अपनी स्टार्ट-अप नीति शुरू की थी। इस स्टार्ट-अप नीति ने स्टार्ट-अप्स को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के साथ मिलकर काम करने का एक उत्कृष्ट अवसर भी प्रदान किया, जिससे हवाई अड्डों से संबंधित नवाचारों को अनुकूलित और विकसित किया जा सके, साथ ही अधिक कार्यकुशल हवाईअड्डे और बेहतर यात्री अनुभव के लिए देश भर के हवाई अड्डों पर उनका पायलट परीक्षण किया जा सके। स्टार्ट-अप नीति 2019 के अंतर्गत निम्नलिखित समाधान विकसित किए गए।

समाधान 1 : आईएनईटीआरए
परियोजनाएँ:
एयरोनॉटिकल डेटा प्रबंधन प्लेटफ़ॉर्म परियोजना “आईएनईटीआरए”
स्टार्टअप फर्म:
सैटस्योर एनालिटिक्स इंडिया (प्रा.) लिमिटेड।
विवरण:

एयरोनॉटिकल डेटा प्रबंधन प्लेटफार्म परियोजना के लिए कस्टम बिल्ट जियो स्पेशियल बिग डेटा प्लेटफार्म है जो एयरोनॉटिकल सूचना प्रकाशन (ईएआईपी) को  औरजिनेशन के बिंदु (सर्वे) से एआईएस तक हवाईअड्डे के आस पास के टैरेन और बाधाओं के इलैक्ट्रोनिक फार्म में आकडों (ईटीओडी)के लिए उच्च रेजूलेशन उपग्रह इमेजरी, विमानक्षेत्र की भौगोलिक सूचना प्रणाली(जीआईएस) मैपिंग और इंटरएक्टिव हवाईअड्डे मैप (एलेक्ट्रोनिक चार्ट)के शुरू से अंत तक डेटा वर्कफ्लो के आटोमेशन से संबंधित है। परियोजना को भाविप्रा के पांच हवाई अड्डों अर्थात चेन्नई, कोलकाता, इम्फाल, कालीकट और त्रिची के हितधारकों के लिए सफलतापूर्वक लागू किया गया।

समाधान 2 : (एस-वीडीजीएस)
परियोजनाएँ:
स्वदेशी स्मार्ट विज़ुअल डॉकिंग गाइडेंस सिस्टम (एस-वीडीजीएस)
स्टार्टअप फर्म:
इनक्सी सिस्टम्स (प्रा.) लिमिटेड
विवरण:

स्मार्ट विज़ुअल डॉकिंग गाइडेंस सिस्टम, हवाई अड्डे के ग्राउंड प्रबंधन कार्यों जैसे विमान पार्किंग, चोक-इन चोक-ऑफ समय को मापने हेतु ग्राउंड एसेट ट्रैकिंग को पूरी तरह से स्वचालित करने के लिए है। इस परियोजना का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया तथा इसे भाविप्रा के कोलकाता हवाई अड्डे पर लागू किया गया। परियोजना का उद्देश्य स्वयं पार्किंग के लिए पायलटों की स्थितिजन्य जागरूकता बढ़ाना तथा पार्किंग बे और एयरोब्रिज के कुशल उपयोग के लिए चॉक ऑन/ऑफ समय की स्वचालित रिकॉर्डिंग करना था।

समाधान 3 : “डब्ल्यूएवीईएक्स”
परियोजनाएँ:
एसडबल्यूएएआईएम: सिस्टम वाइड एडवांस्ड एरोनॉटिकल सूचना प्रबंधन
स्टार्टअप फर्म:
रामफल टेक्नोलॉजीज (प्रा.) लिमिटेड
विवरण:

सिस्टम-वाइड उन्नत वैमानिकी सूचना प्रबंधन एक एकीकृत बहु-चैनल संचार प्रणाली है, जो मौजूदा आईपी एएफटीएन आधारित चैनलों के साथ-साथ एसडब्ल्यूआईएम आधारित भावी संदेश चैनलों को प्रभावी ढंग से प्रबंधित और एकीकृत करेगी। यह परियोजना उड़ान, वैमानिकी और मौसम संबंधी आंकड़ों के आदान-प्रदान के लिए स्वचालित डिजिटल नोटम के  लिए एक मंच प्रदान करती है। परियोजना सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है और परियोजना के परिणामों के सत्यापन के लिए एयरो थाई एसडब्ल्यूआईएम प्रणाली के साथ इसका परीक्षण किया गया है।

समाधान 4 : (एएमसीओएमएस)
परियोजनाएँ:
एयरसाइड मूवमेंट एंड कंप्लायंस मॉनिटरिंग सिस्टम (एएमसीओएमएस)
स्टार्टअप फर्म:
ब्लूनेव टेक्नोलॉजीज (प्रा.) लिमिटेड
विवरण:

एयरसाइड मूवमेंट एवं कम्प्लायंस मॉनिटरिंग सिस्टम को एयरसाइड पर गतिविधियों की वास्तविक समय दृश्यता प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है, साथ ही उन्नत स्टेटिस्टिक्स, रिपोर्ट और अलार्म का परीक्षण चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर किया गया।