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पर्यटक स्थल


इलाहाबाद म्यूजियम

इलाहाबाद म्यूजियम, इलाहाबाद, उ0प्र0 में 1931 से स्थापित एक राष्ट्रीय स्तर का म्यूजियम है, यह अपने समृद्ध संग्रह तथा अद्वितीय कलात्मक वस्तुओं के लिए जाना जाता है और इसका वित्तयन संस्कृति मंत्रालय द्वारा किया जाता है। इसके अतिरिक्त यह पुरातत्ववेत्ताओं, इतिहासकार तथा अकादमीसियन के लिए एक प्रमुख शोध संस्थान है और यहाँ से पुरातत्व, कला व साहित्य में वृहत शोध क्रियाकलाप तथा प्रकाशन किया जाता है। इसका...और अधिक पढें।

चन्द्रशेखर आजाद पार्क

चन्द्रशेखर आजाद पार्क प्रयागराज का एक पब्लिक पार्क है जिसे 1870 में प्रिन्स अल्फ्रेड के नगर भ्रमण को चिन्हित करने के लिए बनाया गया था, इसका क्षेत्रफल 133 एकड़ है तथा यह प्रयागराज का सबसे बड़ा पार्क है। इसका स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चन्द्रशेखर के नाम पर पुर्ननामकरण किया गया जिन्होने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान 1931 में यहीं अपने प्राणों की आहुति दी थी।

एयरपोर्ट से दूरी :13 किलोमीटर...और अधिक पढें।

अक्षयवट

अक्षया या अक्षयवट हिन्दू पुराण कथा में वर्णित एक पवित्र वट वृक्ष हैं एक किवदन्ती के अनुसार एक बार मुनि मारकन्डेय ने भगवान नारायण से अपने दिव्य शक्ति का नमूना दिखाने को कहा, नारायण ने एक मिनट में सारे  विश्व को डूबा दिया, लेकिन उस समय केवल अक्षय वट को ही जल स्तर के ऊपर से देखा जा सकता था।

एयरपोर्ट से दूरी :17 किलोमीटर

इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलहाबाद हाईकोर्ट या हाईकोर्ट आफ जूडिकेचर ऐट इलाहाबाद, इलाहाबाद में स्थित है जिसका क्षेत्राधिकार भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश पर है। इसकी स्थापना 1869 में होने के साथ ही यह भारत का स्थापित होने वाला प्रथम हाईकोर्ट हो गया।

एयरपोर्ट से दूरी :10 किलोमीटर

खुशरो बाग

खुशरो बाग एक बड़ा  ऐतिहासिक बगीचा है जिसमें कि सम्राट जहॉगीर और सुल्तान बेगम के बड़े बेटे राजकुमार खुशरो की कब्र है। चारदीवारी से घिरे बगीचे के अन्दर तीन बलुआ पत्थर के स्मारक मुगल वास्तुकला का अप्रतिम उदाहरण है। मुख्य प्रवेश द्वार की बनावट, चारो तरफ के बागीचे और तीन स्तरी सुल्तान बेगम की कब्र का निर्माण जहॉगीर के प्रमुख दरबारी कलाकार अक रिज़ा ने किया था।

प्रयागराज का किला

प्रयागराज का किला मुगल सम्राट अकबर द्वारा, प्रयागराज, उ0प्र0 में 1583 में बनवाया गया। यह किला यमुना नदी के किनारे तथा गंगा नदी के संगम के पास स्थित है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा इसे राष्ट्रीय महत्व के स्मारक के रूप में मान्यता प्राप्त है, किन्तु यह, इसके अन्दर अक्षय वट मन्दिर तथा पातालपुरी मन्दिर होने के कारण भी प्रसिद्ध है।

संगम

यहाँ गंगा, जमुना, सरस्वती तीन नदियों के संगम पर स्थित सबसे प्रसिद्ध पवित्र स्थानों में से एक है। संगम प्रयागराज का एक सबसे प्रसिद्ध पवित्र स्थान है और प्रयागराज के पर्यटन का अनिवार्य अंग है । संगम प्रयागराज का ही नहीं बल्कि भारत का भी प्रमुख पर्यटन केन्द्र है ।

लेटे हनुमान मन्दिर

यह मन्दिर लेटे हनुमान मन्दिर के नाम से भी जाना जाता है। यह प्रयागराज/इलाहाबाद किले के काफी नजदीक है। मन्दिर की संरचना लाल है और इसके अन्दर एक भूमिगत चबूतरा है, जहॉ भगवान हनुमान की एक विशाल मूर्ति लेटी हुयी स्थिति में स्थापित है, इसका एक भाग आधा पानी से डूबा हुआ है। मानसून के मौसम में यह माना जाता है कि इसका जल स्तर भगवान हनुमान के चरण र्स्पश के लिए बढ़ जाता है। एक दंतकथा है कि लंका जलाने के बाद ...और अधिक पढें।