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उद्देश्य :  - “राष्ट्र के आर्थिक विकास और समृद्धि में योगदान करते हुए ग्राहक की सम्पूर्ण संतुष्टि के लिए अत्याधुनिक अवसंरचना उपलब्ध कराते हुए विमान यातायात सेवाओं और हवाई अङ्ङा प्रबंधन में संरक्षा एवं गुणवत्ता के उच्चतम स्तर प्राप्त करना”                                                                                                                                                                                                                                                                                                                 ध्येय  :   - “विमान यातायात सेवाओ एवं हवाई अड्डा प्रबंधन में नेतृत्व करते हुए विश्वस्तरीय संगठन बनाना एवं २०१६ तक एशिया प्रशांत क्षेत्र में भारत को एक प्रमुख केंद्र बनाना"
विमान यातायात प्रबंधन

भारतीय विमानपत्‍तन प्राधिकरण ने आटोमेशन प्रणालियों के सशर्त प्रावधान तथा प्रौद्योगिकी का उन्‍नयन, दोनों ही दृष्टि से देश में एटीएम के अवसंरचना को उन्‍नत करने की योजना तैयार की है, जिसमें जमीन आधारित नेविगेशन के स्‍थान पर उपग्रह आधारित नेविगेशन अपनाना भी शामिल है।

विमान यातायात सेवाओं का आधुनि‍कीकरण  

  • मुंबई एवं दिल्‍ली में

विमान यातायात नियंत्रक की सहायता करने वाली नई सुविधाओं जैसे कि आगमन प्रबंधक, प्रस्‍थान प्रबंधन के साथ आटोमेशन सिस्‍टम्‍स के आटो ट्रैक-III में उन्‍नयन का काम लगभग पूरा हो गया है तथा प्रचालन के योग्‍य घोषित करने से पूर्व परीक्षण के विभिन्‍न चरणों पर है।

एयरोड्रम यातायात की दक्ष हैंडलिंग में सुधार के लिए एडवांस्‍ड सर्फेस मूवमेंट ग्राउंड कंट्रोल सिस्‍टम (ए एस एम जी सी एस) को शामिल किया गया।

स्‍वचालित निर्भरता निगरानी / सी पी डी एल सी से संपूर्ण उड़ान सूचना क्षेत्र में उपयुक्‍त ढंग से सुसज्जित एयरक्राफ्ट की निगरानी में वृद्धि हुई है।

  • हैदराबाद एवं बंगलौर में

कारगर वायु यातायात प्रबंधन के लिए एडवांस्‍ड इंटीग्रेटेड आटोमेशन प्रणालियों, जो आधुनिकरडारों, फ्लाइट डाटा प्रोसेसर, एयर सिचुएशन डिस्‍प्‍ले, एडवांस्‍ड सर्फेस मूवमेंट ग्राउंड रडार को एकीकृत करता है, सेलेक्‍स इंटीग्रेटी द्वारा संस्‍थापित किया गया है।

  • चेन्‍नई / कोलकाता में

भारतीय एयर स्‍पेस में संपूर्ण प्रणालियों के एकीकरण के लिए एक साझा प्‍लेटफार्म प्रदान करने के लिए मुंबई / दिल्‍ली की तरह पुराने रडारों एवं चौकसी प्रणालियों को नवीनतम रडारों एवं चौकसी प्रणालियों से प्रतिस्‍थापित करने के लिए ए टी एस आधुनिकीकरण परियोजना चल रही है, जिससे वायु यातायात की क्षमता में कारगर ढंग से वृद्धि होगी तथा ए टी एस प्रचालन में सहक्रियता उत्‍पन्‍न होगी।

  • अन्‍य क्षेत्र नियंत्रण केंद्रों (नागपुर / वाराणसी / अहमदाबाद / त्रिवेंद्रम / मंगलौर) में

अभिनिर्धारित वायु क्षेत्र के अंदर प्रभावी वायु यातायात प्रबंधन के लिए देशज आटोमेशन समाधान उपलब्‍ध कराने के लिए भारतीय विमानपत्‍तन प्राधिकरण के साथ मिलकर ई सी आई एल द्वारा फ्लाइट डाटा प्रोसेसर के साथ रडार के एकीकरण का काम पूरा कर लिया गया है।

  • एटीएस के मानकों में वृद्धि से संबंधित पहलें  

 एयरक्राफ्ट के मामले में विलंब कम करने के लिए दिल्‍ली, मुंबई, अहमदाबाद और चेन्‍नई में निष्‍पादन आधारित नेविगेशन (पी बी एन), स्‍टैंडर्ड इंस्‍ट्रूमेंट डिपार्चर (एस आई डी) और स्‍टार (स्‍टैंडर्ड टर्मिनल एराइवल रूट्स) शुरू किया गया है।

पी बी एन प्रचालन में सुविधा प्रदान करने के लिए मुंबई एवं चेन्‍नई वायु क्षेत्र में अनेक ए टी एस कनेक्‍टर मार्ग स्‍थापित किए गए हैं।

भारतीय विमानपत्‍तन प्राधिकरण ने भावी भारतीय वायु नेविगेशन (एफ आई ए एन) की संकल्‍पना तैयार की है तथा यह व्‍यस्‍त मार्गों, समर्पित हेलिकाप्‍टर मार्ग पर एयर ट्रैफिक फ्लो मैनेजमेंट शुरू करने की कगार पर है जिससे 35 गैर मैट्रो कंट्रोल टावर्स पर आटोमेशन सिस्‍टम उपलब्‍ध होंगे तथा स्‍पेस आधारित आटोमेशन सिस्‍टम (गगन) का प्रयोग संभव होगा। 

 

आखिरी बार अपडेट करने की तारीख : 29 अक्‍टूबर, 2010